नीरज चोपड़ा की जीवनी हिंदी में – Neeraj Chopra Biography in Hindi

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Neeraj Chopra देश के वह पहले एथलीट है जिन्होंने देश के लिए ओलंपिक से पहला गोल्ड मेडल लाने का कार्य किया है। नीरज चोपड़ा के बारे में वर्तमान में इंटरनेट पर काफी सारी बातें चल रही है और उनकी बायोग्राफी को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं।

नीरज चोपड़ा वर्तमान में लोगों के लिए एक आइकॉन बन चुके हैं और ओलंपिक में देश के लिए एथलीट के क्षेत्र में पहली बार गोल्ड मेडल जीतने के कारण उनकी फैन फॉलिंग अचानक से बड़ी है जिसकी वजह से लोग Neeraj Chopra के बारे में अधिक से अधिक जानना चाहते हैं। काफी सारे लोग हैं जो ‘नीरज चोपड़ा की जीवनी’ अर्थात Neeraj Chopra Biography के बारे में जानना चाहते हैं। अगर आप भी उन लोगो मे से एक हो तो यह लेख पूरा पढ़े।

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Neeraj Chopra Biography in Hindi – नीरज चोपड़ा की जीवनी हिंदी में

भारत को एथलिट गेम्स में पहली बार स्वर्ण पदक अर्थात गोल्ड मेडल दिलाने वाले एथलीट नीरज चोपड़ा के बारे में वर्तमान में इंटरनेट पर काफी सारी बातें चल रही है जिनमें उन को लेकर कई अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। काफी कम लोग हैं जो नीरज चोपड़ा की जीवनी पर बात कर रहे हैं और उस वक्त लोगों के सामने ला रहे हैं तो चलिए आज हम आपको नीरज चोपड़ा के जन्म से लेकर उनके द्वारा ओलंपिक जितने तक के सफर के बारे में बात करते हैं।

नीरज चोपड़ा का जन्म – Neeraj Chopra DOB

नीरज चोपड़ा का जन्म हरयाणा राज्य के पानीपत जिले में हुआ था। नीरज का जन्म एक पानीपत शहर के एक छोटे से गांव खाद्रा में 44 दिसम्बर 1997 को हुआ था। उनके पिता सतीश कुमार एक सामान्य किसान हैं तो वही उनकी माता सरोज देवी एक गृहिणी हैं। नीरज की दो बहनें भी हैं जिनका नाम संगीता और सरिता हैं।

नीरज चोपड़ा की एजुकेशन – Neeraj Chopra Education

नीरज चोपड़ा ने शुरुआती शिक्षा अपने गांव और शहर पानीपत से ही प्राप्त की थी और उसके बाद उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए वह चंडीगढ़ चले गए थे। प्रारम्भिक पढ़ाई के बाद नीरज ने एक बीबीए कॉलेज जॉइन कर लिया था। नीरज ने अपने ग्रेजुएशन की डिग्री उसी कॉलेज से हासील की थी।

Neeraj Chopra Biography – नीरज चोपड़ा ने कैसे जीता ओलंपिक के खिताब

नीरज चोपड़ा के बारे में यह तो हम सभी जानते हैं कि हाल ही में उन्होंने ओलम्पिक में जेवलिन के खेल में गोल्ड मेडल जीता हैं। लेकिन उनके यहाँ तक पहुचने की कहानी के बारे में काफी कम लोग जानते हैं और इस ‘नीरज चोपड़ा जीवनी’ (Neeraj Chopra Biography in Hindi) को लिखने का मकसद यही हैं कि हम लोगो को Neeraj Chopra के संघर्ष की कहानी बता सके।

अगर आप आज नीरज को देखोगे तो फिटनेस के मामले में वह किसी बॉलीवुड स्टार से कम नहीं है और यह उनकी फिटनेस व मेहनत ही हैं कि वह भारत को गोल्ड मेडल दिला पाए हैं। लेकिन नीरज शुरुआत से इतने फिट नहीं थे। बचपन मे नीरज काफी मोटे थे जिसकी वजह से उन्हें गांव के दूसरे बच्चो के द्वारा उनका खूब मजाक उड़ाया जाता था।

नीरज इतने मोटे थे कि उनके परिवार वाले भी उनके मोटापे से काफी परेशान थे। यही कारण हैं परिवार के सदस्यों के द्वारा नीरज को मात्र 13 साल की उम्र से ही स्टेडियम में दौड़ लगवाने ले जाया जाने लगा।  लेकिन दर्द लगाने में नीरज का बिल्कुल मन नही था। जब वह स्टेडियम जाते थे तो उन्होंने दूसरे बच्चो की जेवलिन का गेम खेलते अर्थात भाला फेंकते देखा। उनकी इस खेल में अचानक से रुचि आ गई तो वो भी उन बच्चो के साथ खेलने लगे।

उन्हें यह खेल इतना पसन्द आ गया कि वह इस खेल में आगे बढ़ने की चाह रखने लगे। उनके सभी कोच ने भी उनका काफी सपोर्ट किया। हरयाणा एक ऐसा राज्य हैं जहां शिक्षा के साथ खेलो पर भी काफी ध्याज दिया जाता था तो ऐसे में नीरज को उनके करियर में उनके कोच और उनके माता पिता के द्वारा काफी सपोर्ट भी मिला। इस गेम में नीरज की इतनी रुचि जग गयी थी कि वह रोजाना घण्टो प्रेक्टिस करते।

जब नीरज की परफॉर्मेंस बढ़ती गयी तो उन्होंने प्रतियोगिताओं में भाग लेना शहर कर दिया और कब जिला स्तर की प्रतियोगिता राष्ट्रीय स्तर और फिर अंतराष्ट्रीय स्तर तक चली गयी, पता ही नही चला। नीरज ने ना केवल राज्य स्तर के बल्कि राष्ट्रीय स्तर के और यह तक कि अंतराष्ट्रीय स्तर के पुरुस्कार भी मिले। ओलंपिक से पहले भी वह अंतराष्ट्रीय स्तर के खेलों में गोल्ड ला चुके हैं।

नीरज चोपड़ा के मुख्य रिकॉर्ड्स – Neeraj Chopra Record

वैसे तो नीरज कई प्रतियोगिताओं में भाग लेकर जीत चुके हैं लेकिन उनके बनाये हुए कुछ मुख्य रिकार्ड्स इस प्रकार हैं:

  • साल 2016 में पोलैंड में हुए आईएएएफ वर्ल्ड यू-20 चैम्पियनशिप में 86.48 मीटर दूर तक नीरज ने भाला फेंककर एक रिकॉर्ड सेट किया था और वहाँ से गोल्ड जीतकर लाये थे।
  • साल 2018 में इंडोनेशिया के जकार्ता में हुए एशियन गेम्स में नीरज ने 88.06 मीटर तक भाला फेक वहां भी गोल्ड जीता था।
  • इसके बाद 2018 में हुए कॉमन वेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में भी नीरज चोपड़ा ने जेवलिन में गोल्ड मेडल जीता।
  • इसके बाद आखिरकार साल 2022 में नीरज ने ओलम्पिक्स में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया।

नीरज चोपड़ा के कोच कौन हैं ? Who is Niraj chopra Coach in Hindi ।

बिना कोच के कोई भी खिलाड़ी अधूरा होता हैं। ओलंपिक जैसी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल लाने के लिए किसी भी खिलाड़ी के पास वाकई में एक काफी बेहतरीन कोच होना जरूरी हैं। नीरज चोपड़ा को उनके करियर की शुरुआत से लेकर अब तक कई कोच ने प्रशिक्षण दिया हैं लेकिन पिछले कुछ सालों से उनकी सभी प्रतियोगिताओं में मदद करने वाले और उन्हें ट्रैन करने वाले मुख्य कोच का नाम Uwe Hohn हैं जो किसी समय के दुनिया के सबसे बेहतरीन जेवलिन खिलाड़ियों में से एक हुआ करते थे और उन्होंने नीरज को भी यह ख़िताब दिलाने में पूरी मदद की हैं।

FAQ 

नीरज चोपड़ा कहां के रहने वाले हैं ?

पानीपत के खंडरा गांव के रहने वाले ।

नीरज का गांव कौन सा है ?

पानीपत के खंडरा गांव के रहने वाले ।

नीरज चोपड़ा के पिता का क्या नाम है ?

सतीश कुमार

नीरज चोपड़ा की एजुकेशन क्या है ?

भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई हरियाणा से ही की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इन्होंने ग्रेजुएशन तक की डिग्री प्राप्त की है। अपनी प्रारंभिक पढ़ाई को पूरा करने के बाद नीरज चोपड़ा ने बीबीए कॉलेज ज्वाइन किया था और वहीं से उन्होंने ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की थी।

नीरज चोपड़ा की हाइट कितनी है ?

1.82 मी

नीरज चोपड़ा कौन है ?

भारतीय एथलीट भाला फेंक खिलाड़ी ।

नीरज चोपड़ा की उम्र कितनी है ?

 23 साल

नीरज चोपड़ा कौन सी नौकरी करते हैं?

ट्रैक और फील्ड खिलाड़ी

नीरज चोपड़ा के भाले का वजन कितना था ?

800g

नीरज चोपड़ा के कोच कौन है ?

नीरज चोपड़ा के मुख्य कोच का नाम उवे होन है जो की जर्मनी के पूर्व पेशेवर जैवलिन एथलीट है ।

तो यह थी नीरज चोपड़ा के जिंदगी की कहानी अर्थात ‘नीरज चोपड़ा जीवनी’ ! उम्मीद हैं आपको यह Neeraj Chopra Biography in Hindi पसन्द आयी होगी। अगर आप इस प्रकार के अन्य लेख पढ़ते रहना चाहते हैं तो हमारे साथ जुड़े रहे।

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